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सोमवार, 14 सितंबर 2020

Hindi Poem on Unemployment

Dev tripathi


Hindi Poem on Unemployment


बेकारी बढ़ती जाती है मंहगाई ने आसमाँ चीरा है...
बेरोजगारी के मंजर का हिन्दोस्तां इक जजीरा है...
मूक व्यवस्था बनी हुई है प्रश्न कहाँ करता कोई ....
इस हिन्दुस्तानी देह में एक बेकारी भयंकर पीरा है...
देश की नीलामी पर माँ का वेबश आँचल रोता है ...
चुप बैठो अब कुछ न बोलो देश में यूँ ही होता है...

unemployment rate in india 2019
berojgari in Hindi kavita

भटकते रहते टीवी चैनल पे पर समाचार नहीं आते...
गम्भीर मुद्दों पर जो बात करे वो अखबार नहीं आते...
सच्चाई की राहों पे मोहरे राजनीति के बैठें है लेकिन...
हमारे हक की बातें करने वाले वो हकदार नही आते...
झुलस गए बेकारी में अब परिवार सभी का रोता है...
चुप बैठो अब कुछ न बोलो देश में यूँ ही होता है...

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विकास के नाम पर भावनाओं से हमारी खेले हैं...
फलदार शाखें होनी थी जहाँ अब सूखी हुई वेले हैं...
लाज सरम को बेच दिया पर देश को न अब बेचो तुम...
पथरा जाएंगी छोटी आँखे जो देख रहे कुछ मेले है...
हर बच्चे की मेहनत का क्या न्याय ठीक से होता है...
चुप बैठो अब कुछ न बोलो देश में यूँ ही होता है...

शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

Teachers day Hindi poem

Dev tripathi


Teachers day Hindi poem 

💓💓💓💓💓💓

अक्षर अक्षर जोड़कर मुझको शब्द बनाया है
मेरी मति पर कूची फेरी और वेमोल बनाया है
मंजिल के वीराने पथ पर द्रोणा सी पहचान उनकी
हर success के पन्ने रचती स्याही सी पहचान उनकी
सम्पूर्ण ज्ञान के दरिया का मांझी है मेरे टीचर्स 
मेरे अंधियारे जीवन को रौशन करते हैं मेरे टीचर्स

shayari on teacher in hindi
शिक्षक दिवस पर कविता 

डगमगाते पावों को मानो किसी ने थाम लिया
असमंजस की उथली राहों पर भी चलना सिखा दिया
हर बालक के स्मरणों में माँ बाप सी पहचान उनकी
जहरीले संसार में एक मधुकलश सी पहचान उनकी
हर success के बुनियादी पत्थर है मेरे टीचर्स
मेरे अंधियारे जीवन को रौशन करते हैं मेरे टीचर्स

अपने गुरु के लिए शायरी
Happy Teachers day


ज्ञान की अविरल धारा के संग अनुभव भी बतलाते है
विश्वास भरे भावों से मन में सफलदीप जलवाते है
आकाश में उड़ते पंछी के पंखों सी पहचान उनकी
भटके राही के आंखों में पली उम्मीदों सी पहचान उनकी
सही गलत के दोराहे पथ पर केशव है मेरे टीचर्स
मेरे अंधियारे जीवन को रौशन करते हैं मेरे टीचर्स

शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

Motivational poem in Hindi

Dev tripathi


Motivational poem in Hindi

💪💪💪💪💪

सुर्ख अंधेरा पसरा हुआ है जाने कब आफताब उगे...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...
हिम्मत मेहनत जज्बा भरकर चलना है तो चलना है...
कांटो का पथ हो या फूलों का उपवन चलना है तो चलना है...
आसमान में सुराख कर जाने कब किरणे निकले...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...

जोशीले शायरी
self motivation poem hindi

छाले डालेंगे वे पथ भी जो  मंजिल तक जाएंगे...
लतपत पावं में रजकण किरदार नमक का निभाएंगे...
मनसूबे पूरे करने की खातिर पथ पर चलना है तो चलना है...
टांग खींचने वाले होंगे पथ में पर चलना है तो चलना है...
सुर्ख अंधेरा हो कितना भी फिर भी बढ़ना है हिम्मत के तले...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...

motivational poem for student
inspirational poem in hindi

पतझड़ वाली राहों पर एक दिन वसन्त भी आएगा...
सागर की उठती लहरों पर भी सेतु बन जाएगा...
हर पहर के प्रहरी से लड़कर चलना है तो चलना है...
अपने खाके में फुर्ती भरकर चलना है तो चलना है...
हर मंजिल पाने की खातिर पग पर पत्थर ही है भले...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...

💪💪💪💪💪

शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

Sad Love Poetry in Hindi

Dev tripathi


Sad love poetry in Hindi

😔😔😔😔😔😔😔 

बंजर दिल की भूमि पर लहलहाती फसल जैसी...

मिट्टी राख खिलौनो से खेले माधब की मूरत जैसी...
एक ख्वाब में गढ़े बेसकीमती तेरे मेरे कुछ मोती...
कोरे कागज पर प्यार के आखर को जैसे रचती...
मेरी झोली में वो ढेरों पलछिन अब सम्भरते नहीं...
तेरी सूरत तेरी सीरत आज भी मेरे जहन से उतरते नहीं...

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हवाओं के मदमस्त हिलोरे फिजाओं की आगोशी में ठहरे...
चन्दा की वो रसिक चाँदनी जब अम्बर में आकर बरसे...
रेगिस्तान की तपती रेत में तू चन्दन के पेड़ो जैसी...
बेरंग सांसो की माला में पिरे सतरंगी मोती जैसी...
हवायें चन्दा और चांदनी मेरी झोली में अब सम्भरते नहीं...
तेरी सूरत तेरी सीरत आज भी मेरे जहन से उतरते नहीं...

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सावन के बारिश में रिमझिम पानी के फुहारों जैसी...
फागुन की पनाहों में महकते रंगों की बौछरों जैसी...
तेरा वेबकिया अंदाज़ तेरा शौकिया मिज़ाज याद आता है...
हर सारंगी के सरगम में तेरा गुनगुनाना नजर आता है...
ये बारिशें, ये रंग , मौसम ये सरगम मुझसे सम्भरते नहीं...
तेरी सूरत तेरी सीरत आज भी मेरे जहन से उतरते नहीं...

😔😔😔😔😔😔😔

शुक्रवार, 14 अगस्त 2020

Desh Bhakti Poem in Hindi

Dev tripathi


Desh Bhakti Poem in Hindi



स्वर्णिम मिट्टी भारत की कितना लहू लपेटे है...
पूण्य धरा ने अपने भीतर कितने बलिदान समेटे है...
मूंछ ऐंठ कर भगत सिंह ने इंकलाब उद्घोष किया...
हस कर झूला जब खुदीराम भारत माँ को परितोष दिया...
हमारी हर एक सांस पर इन वीरों का ही एहसान है...
लहराते तिरंगे की केवल इन्कलाब पहचान है...
लहराते तिरंगे की केवल इन्कलाब पहचान है...

independence day drawing
independence day in hindi

पुर्जा पुर्जा न्यौछावर करके वतन की साख बचायी थी...
लहू की हर एक बूंद ने शत्रु पर धाक जमायी थी...
उन्मुक्त जवानी में कईओं ने दुल्हन आजादी अपनाई थी...
मंगल पाण्डेय की फाँसी ने भी ज्वाला भड़काई थी...
आजाद की देशप्रेमिता का भी अलग एक सम्मान है...
लहराते तिरंगे की केवल इन्कलाब पहचान है...
लहराते तिरंगे की केवल इन्कलाब पहचान है...

independence day of india
सैनिकों पर हिंदी में देशभक्ति कविता

सरहद की पगडंडी पर जिसने प्राणों को बार दिया...
कम नही वो भगतसिंह से जिसने मृत्यु से प्यार किया...
बेसकीमती हीरों ने अपनी नीलामी कर डाली...
शत्रु ने माँ के आँचल पर जब जब बुरी नजर डाली...
लकड़ी के चरखे पर लिपटी उस सूती पर अभिमान है...
लहराते तिरंगे की केवल इन्कलाब पहचान है...
लहराते तिरंगे की केवल इन्कलाब पहचान है...




बुधवार, 12 अगस्त 2020

Geeta ka Saar Hindi Poem janmasthmi Special

Dev tripathi



Geeta ka Saar Hindi Poem 


यातनाओं में विष के बाण जब सीने में धस रहे थे...

रण में चहुओर से बस अपने ही फस रहे थे...

शिथिल हाथों से धीरे धीरे गांडीव छूट रहा था जब...
लड़ने से पहले अर्जुन भीतर से ही टूट रहा था जब...
तब ओंकार ने अपना गीता ज्ञान प्रारम्भ किया...
सही गलत के पृष्ठों को पृथक करना आरम्भ किया...
अपने पराये, जीवन मृत्यु के सारे मर्म बता डाले...
अर्जुन को उसके सारे कर्म याद करा डाले...

bhagavata purana
Shri Krishna


बोले माधव हे पार्थ अपने बाणों से जरा अबबोलो तुम...
गैरों की भाँती अपनो को भी धर्म अधर्म में तोलो तुम...
रक्त के शैलाव से तू अब क्यों कतराता है...
अपनों को खोने से तू अब क्यों घबराता है...
खुले केश पांचाली के क्या भूल गया है तू...
सभी बड़े मुखों की चुप्पी को क्या भूल गया है तू...

geeta ka gyan
geeta gyan


निर्णायक क्षण धर्म अधर्म का अब तू क्यों सकुचाता है...
वस्त्र रूपी देह को तू क्यों अपना बतलाता है...
हार जीत जीवन मृत्यु ये तो वक्त के कईयो रूप है...
रूपवान इस देह में केवल आत्मा सर्वरूप है...

mahabharat geeta updesh
geeta pravachan


नाशवान इस देह की तू क्यों कामना करता है...
अविनाशी आत्मा का तू क्यों नही सामना करता है...
दिव्य चक्षु से मेरे विराट रूप को देख जरा...
इस समर में अपनी दुर्बलता को फेंक जरा...
उठाकर गांडीव तू अपना बस क्षत्रिय कर्म करता रह...
हे कौन्तेय हे पार्थ तू कर्म और बस कर्म करता रह...

सोमवार, 3 अगस्त 2020

Rakshabandhan poem hindi | happy Rakshabandhan

Dev tripathi


Rakshabandhan poem hindi



😍😍😍😍😍😍

छोटी बड़ी दुकान से चुन चुन के राखी लाई है...
सुंदर कलाई मेरी दिखे इसलिए पूरा बाजार छान आई है ...
एक धागे में प्यार भरकर मेरे हाथ पर बांध देती है...
अपनी मुस्कान से बहना प्रीत अमर कर देती है...

रक्षा बंधन पर निबंध
हैप्पी रक्षाबंधन

भृकुटियां समेटती जब तनिक देर हो जाती है...
यूँ तो भूख नही सहती पर उस दिन सह जाती है...
अटूट प्रेम के धागे में दुआएं भी बांध देती है...
अपनी मुस्कान से बहना प्रीत अमर कर देती है...

raksha bandhan 2020
Rakshabandhan

सतत प्रेम की धारा का ये रिश्ता बड़ा प्यारा है...
सूनी कलाई का केबल राखी का ही सहारा है...
रोली मिठाई और पकवानों से थाल सदा सजा देती है...
अपनी मुस्कान से बहना प्रीत अमर कर देती है...

pyari behna
raksha bandhan 2020

हस कर हाथ बढ़ाकर वो नेग मांगती रहती है...
जब न मिले कुछ भी तो मुँह फूलाती रहती है...
एक बहन भी माँ की कमी दूर कर देती है...
अपनी मुस्कान से बहना प्रीत अमर कर देती है...

😍😍😍😍😍😍

शनिवार, 1 अगस्त 2020

Ram pr Rajniti hindi poem

Dev tripathi
.

राम मंदिर पर राजनीति 




Hello दोस्तों मैं देव त्रिपाठी
 आज की ये पोएम अगर आपकी भावनाओं को आहत करती है तो मुझे माफ़ कीजिये क्योंकि ये मेरा personal opinion है क्योंकि मुझे लगा कि इस मुद्दे पर कविता लिखी जानी चाहिए 
जैसा कि आप लोग जानते है भगवान राम के मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने जा रहा है तब मैं इस बात से बहुत खुश हूं लेकिन दुख इस बात का होता है जब हमारे मन्दिर ओर मस्जिद पर आपसी मतभेद खत्म हो गए थे सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लेकिन अभी भी कुछ लोग है जो कि इस मतभेद की अग्नि को भड़काने का प्रयास कर रहे है ऐसा मुझे लगता है 
क्योंकि एक मोहम्मद फैज नाम का व्यक्ति मन्दिर की नींव के लिए मिट्टी लेकर आ रहा है मुझे किसी से ािाितराज नही है कि मिट्टी कौन सा रहा है मुझे ािाितराज है राजनीत से षड्यंत्र से क्यों कि इन राजनीति के धुरंधरो को आचि तरह से पता होगा कि इस बात पर जबरदस्त विवाद हो सकता है फिर भी इन लोगों ने ऐसा काम किया ये आपसी मतभेद बढ़ाकर वोट बैंक बनाने की फिराक में है मेरा मत यही कहता है 
धन्यवाद 

राजनीति की चौपड़ में भगवान दाव पर लगे हुए हैं...
स्वार्थ सधा कुछ वोटों पर तभी सेकुलर बने हुए है...
राजनीति के ज्ञाताओं को इतना ज्ञान नही था क्या...
हिन्दू- मुस्लिम बीज वो रहे इस बात से अनजान सभी थे क्या...
यूँ ही न जीत मिली हमको तम्बू में वर्षों तक राम को रखा है...
सेकुलरिज्म का सारा ठेका क्या हमी ने ले रखा है...

भाईचारे की बात न कहना वो हम अपने स्तर से निभाएंगे...
मन्दिर यदि राम का है तो मिट्टी हमी फिर लाएंगे...
हर रिश्ते या हर मुद्दे पर राजनीति नही खेली जाती...
कलुषित मन से कभी प्रभु की रज नही तौली जाती...
मन्दिर के दरवार में अब क्या चौपड़ नही बिछा रखा है...
सेकुलरिज्म का सारा ठेका क्या हमी ने उठा रखा है...

चंपत राय
ram mandir pr hindi kavita

मन्दिर निर्माण राम का है तनिक श्रीराम को पढ़ते तुम...
तब गद्दी के खातिर षड़यंत्रों की नींव नहीं पकड़े तुम...
हर धर्म और मजहब का अपना अलग अलग मत है...
देशद्रोही न कहना उनको जो इस बात से असहमत है...
ध्वज पताका पर क्यों तुमने इमामे हिन्द लिखा रखा है...
सेकुलरिज्म का सारा ठेका क्या हमी ने उठा रखा है...

ram mandir news
ram mandir kavita hindi


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रविवार, 26 जुलाई 2020

शनिवार, 18 जुलाई 2020

one sided/secret love poetry in Hindi

Dev tripathi

one sided love poetry in Hindi

💓💓💓💓💓💓💓💓

कुछ कहना चाहता था तुमसे पर कभी कह न सका...
जज्बात दिल की आहटों के सामने तुम्हारे रख न सका...
तुम्हारी मोहब्बत का आसरा हमने भी चाहा था...
बेहिसाब दिल में उठती उमंगो को,थामना हमने भी चाहा था...
अफसोस अपने ख्यालों को तुमसे साझा कर न सका...
कुछ कहना चाहता था तुमसे पर कभी कह न सका...

one sided love status in hindi

one sided love quotes

दिन गुजरा महीने गुजरे आहिस्ते आहिस्ते अर्सा गुजर गया...
मेरे अनकहे अल्फाजों का किस्सा मेरे भीतर ही सिमट गया....
तबज्जो देते मेरे लहजे पर तो शायद तुम्हे पता चल जाता...
मेरे अनकहे जज्बातों का तुम्हें मेरे इशारे से पता चल जाता....
मैं अपनी तमाम उन प्यार भरी हसरतों को बोल न सका...
कुछ कहना चाहता था तुमसे पर कभी कह न सका...

one sided love status in hindi

love poetry in hindi

अपनी हिचकिचाहट वाली जुबां को मैं आज भी कोसता हूँ ...
काश अपनी दिल्लगी को कह देता बस यही सोचता हूँ...
मोहब्बत के शहर में हम भी थोड़ा सामिल हो जाते ...
थोड़ी हिम्मत करता मैं तो हम भी इश्क़ के काबिल हो जाते...
मैं अपनी उलझी हुई जुबां को कभी सुलझा न सका...
कुछ कहना चाहता था तुमसे पर कभी कह न सका...

💓💓💓💓💓💓💓💓

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