Adsence coad Ojhalpoetry

Tribute to sushant singh rajput by poem

Dosti forever

moti

happy fathers day

Latest Posts

रविवार, 28 फ़रवरी 2021

सूर्यपुत्र कर्ण

Dev tripathi

सूर्यपुत्र कर्ण 




 महा समर में लड़ रहे दो कौन्तेय नन्दन की कहानी
दोनों धनुर्धर दोनों साहसी और दोनों हैं स्वाभिमानी
इक सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर का प्रमाण लेकर किंचित डर रहा 
तो वहीं दूसरा धनुर्धर अपनी श्रेष्ठता प्रमाणित कर रहा 
पांडवों के अध्याय का इक पन्ना जिसका रक्त वर्ण था
कुरुक्षेत्र में एक ओर धनन्जय है तो दूजी ओर कर्ण था

 
महाभारत
सुतपुत्र कर्ण

एक अलंकृत था मगर इक अलंकार को तरस गया
सूर्य पुत्र की जीवन पर सदा अंधकार ही बरस गया
काल चक्र के पृष्ठों पर वो मित्रता अंकित कर गया
नादान माँ की मर्यादा हेतु वो वांछित ही मर गया
कोयलों की खान में चमकता वो पारस सुवर्ण था
अर्जुन भी जिससे कांप गया ऐसा योद्धा कर्ण था

कर्ण की कथा
महाभारत का योद्धा कर्ण

व्यक्तित्व विराट था जिसका और बड़ा अभिमानी था
कवच देकर मृत्यु गले लगाता ऐसा बड़ा वो दानी था
धर्म था सीने में उसके और धर्म से ही लड़ रहा था
छल कपट से मारा उसे जब धुरा भू में गढ़ रहा था
कपट के पलड़े में रहकर ज्ञात उसे अपना मरण था 
कुरुक्षेत्र में एक ओर धनन्जय है तो दूजी ओर कर्ण था


गुरुवार, 18 फ़रवरी 2021

अन्तरमन का अंतरद्वंद हिंदी कविता

Dev tripathi


अंतरद्वंद

 सभी नींद के आगोश में थे,

स्याह रात भी खामोश थी

लेकिन उसकी आंखों में नींद कहाँ,

उसकी धड़कने भी शोर से लबरेज थी 

Sad poem hindi
अंतरद्वंद


वो ढूंढने की कोशिस कर रहा था 

तन्हाइयों में खूंद को ,

कभी वो रिश्तों की कसौटी में कसता तो 

कभी खुद रिश्तों की कसौटी से गुजरता

कभी खुद को सच के सामने रखता

कभी सच से मुँह छिपाता तो कभी 

झूठ के पीछे छुप जाता 

Lonely poem hindi
अन्तरमन


कभी उसका मन करता इन उलझनों से बचकर

नींद उसे अपने आगोश में लेले

जब सारा जहाँ सुप्त था तब

उसका मन आने वाले लम्हों की चिंता में लुप्त था

रात जैसे जैसे खामोश होती जा रही थी

उसका अंतर्मन उतना शोर करता जा रहा था

रात उजाले की ओर बढ़ रही थी

वह अपने विचारों से लड़ रहा था

जैसे जैसे रवि की किरणें धरा को छू रही थीं

उसकी झूठी मुस्कान अंतरद्वंद को ढक रही थी

लेकिन झूठी मुस्कान के पीछे द्वंद की प्रक्रिया

अनवरत चल रही थी चल रही थी चल रही थी




https://youtu.be/mouTVqSZJCA 
Watch my poem on YouTube 


मंगलवार, 2 फ़रवरी 2021

Hindi romantic poem / heart break poem

Dev tripathi

 

Romantic poem hindi 

❤❤❤❤❤❤

तूने कहा भी नही मैंने सुना भी नही...

आँख ही आँख में गुफ्तगू हो गयी...

मुस्कान चेहरे पे थी दिल भी पहरे पे था....

पूरी एक दूजे की जुस्तजू हो गयी... 


ख्वाब तेरा भी था ख्वाब मेरा भी था...

प्यार के आसमाँ में उड़ाने भरे...

दूर रहकर सदा पास तेरे रहूँ...

फूल चाहे हजारों चढ़ाने पड़े ...


Breakup hindi poem


अबकी बारिश की बूंदों ने पहली दफा...

तेरी यादों को दिल में जगाया नहीं...

अबके फूलों की महक ने पहली दफा...

तेरी खुशबू को मुझमें महकाया नहीं...


कसमें वादे हमने किये थे जो तब...

अब उनसे मुझे तू रिहाई न दे...

दूरियाँ इतनी क्यों तूने कर ली हैं अब...

कि मेरी चीखें तुझे सुनाई न दे...


2 line hindi shyari


ख्वाब आंखों में थे आँख में रह गए...

हकीकत न हो पाए सारे कभी...

इब्तदा प्यार की तुम्हारी ही थी...

हम न आये थे तेरे द्वारे कभी...

❤❤❤❤❤❤





रविवार, 27 दिसंबर 2020

Love you maa

Dev tripathi

Mothers day poem hindi

❤❤❤❤❤❤

सुबह 9 बजे उठने वाला लड़का आज 6 बजे उठकर तैयार हो जाता है...

इस कड़कड़ाती ठंड में जब पैर जमीन पर रखता हूँ तब तुम्हारी याद आती है...

जब अपना पेट भरने के लिए खुद खाना बनाता हूँ तब तुम्हारी याद आती है ....

और इस चाय के कप के नखरे भी बहुत अजीब हैं जब तक इसे धूलो न तब दोबारा चाय कहाँ आती है....

अब कपड़े गन्दे भी हो तब भी सोचता हूँ एक दिन ओर चल जाएंगे....

टिफिन का एक खाना खाली भी तब कौन से हम मर जाएंगे....

अब नई जिंदगी की पहली सीड़ी पर कदम रखा है... 

अभी इन ज़िम्मेदारियों में नया नया हूँ तो डर लगता है...

काश तुमने वो सब सिखाया होता जो मुझे अब करना पड़ रहा है....

पता है तुम्हे तुम्हारे राजा बेटा के आगे ये राजा पन ही अड़ रहा है....

Love you maa

जिंदगी की हर मोड़ पर खड़ी हो तो इस मोड़ पर by पास क्यों कर दिया....

कभी ये सारी बातें बताती तो कि घर की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है ये जताती तो....

कुछ तो सिखाती कि खाना कैसे बनता है ये जरा बताती तो....

कुछ गलतियाँ कुछ खामियां मेरी भी है की मैंने कभी... कोसिस नही की कुछ सीखने की कुछ जानने की ....

पता है इस ठंड में जब ठंडे पानी में हाथ सुन्न हो जाता ना....

तब बहुत ज्यादा याद आती है तू मेरी माँ ....

Love you mom


माँ के ऊपर चार लाइनें


सोमवार, 23 नवंबर 2020

Bhai Chara Song Hindi

Dev tripathi

HINDU MUSLIM UNITY SONG 


 हम सारे मिलकर साथ चले
एक प्यारा मुल्क बनाये हम
झगड़ों से मुड़कर फिर हम भी
अपनों पर जान लुटाए हम

ये हरा रंग और भगवा रंग
बस इकलौती पहचान बने
भारत की इस मिट्टी पर हर
माँ हिंदुस्तानी लाल जने

हर इंसा यहां मजहब की 
खातिर और कभी न लड़े मरे
हर जख्मों को मरहम देकर 
हम सभी घाव अपने ही भरे

तेरी मस्जिद में मैं जाऊं मेरे मन्दिर में तू आये
हर सज्दे में पूरी मन्नत
तू मेरी ताबीर सुने मेरे ख्वाबों में तू आये 
मोहबत से मिल जाए जन्नत

हर होली की रँगीली खुशबू
ईद का वो फिर चाँद बने
रातें भी अमृत वर्षाये 
चाँद में न कोई दाग लगे

हर दीवाली रौशन करता 
मेहताब सा भाईचारा हो
हर मुश्किल के पलछिन हरता
बस एक दूजे का सहारा हो

तेरी मस्जिद में मैं जाऊं मेरे मन्दिर में तू आये
हर सज्दे में पूरी मन्नत
तू मेरी ताबीर सुने मेरे ख्वाबों में  तू आये
मोहबत से मिल जाए जन्नत

ये चाँद सितारे और उजियाले
पक्षपात न करते है
पानी की अंजुरी से बादल 
सब खेतो का घर भरते हैं

तेरी मस्जिद में मैं जाऊं मेरे मन्दिर में तू आये
हर सज्दे में पूरी मन्नत
तू मेरी ताबीर सुने मेरे ख्वाबों में बस तू आये
मोहबत से मिल जाए जन्नत







शनिवार, 14 नवंबर 2020

Hindi Poem On Diwali

Dev tripathi


Hindi Poem On Diwali


💥💥💥💥💥💥💥💥

बुझी हुई इन बाती को ज्वाला से अंकित करते हैं...
जगमगाती इस रात को ह्रदय में संचित करते हैं...
चटकी कलियों सी फुलझड़ियों मुस्कान तरल भर देती है...
दीपों के अधरों पर बैठी लौ सम्बंध सरल कर देती है...
आने वाले प्रभु की प्रत्याशा भरत अंचित करते है...
जगमगाती इस रात को ह्रदय में संचित करते हैं...

Happy Diwali 


कई रात गुमसुम गई जो कई दिनों में दिन आया...
अबधपुरी में रामराज्य का फिर शुभ पलछिन आया...
प्रभु के आने की खुशी में हम हर वर्ष दीप जलाते हैं...
दीपों की उस लौ में बस हम अंधकार  पिघलाते हैं...
इक इक दीपक दिव्य प्रकाश को इंगित करते हैं...
जगमगाती इस रात को ह्रदय में संचित करते ...

💥💥💥💥💥💥


सोमवार, 14 सितंबर 2020

Hindi Poem on Unemployment

Dev tripathi


Hindi Poem on Unemployment


बेकारी बढ़ती जाती है मंहगाई ने आसमाँ चीरा है...
बेरोजगारी के मंजर का हिन्दोस्तां इक जजीरा है...
मूक व्यवस्था बनी हुई है प्रश्न कहाँ करता कोई ....
इस हिन्दुस्तानी देह में एक बेकारी भयंकर पीरा है...
देश की नीलामी पर माँ का वेबश आँचल रोता है ...
चुप बैठो अब कुछ न बोलो देश में यूँ ही होता है...

unemployment rate in india 2019
berojgari in Hindi kavita

भटकते रहते टीवी चैनल पे पर समाचार नहीं आते...
गम्भीर मुद्दों पर जो बात करे वो अखबार नहीं आते...
सच्चाई की राहों पे मोहरे राजनीति के बैठें है लेकिन...
हमारे हक की बातें करने वाले वो हकदार नही आते...
झुलस गए बेकारी में अब परिवार सभी का रोता है...
चुप बैठो अब कुछ न बोलो देश में यूँ ही होता है...

objectives of privatisation
privatization in india

विकास के नाम पर भावनाओं से हमारी खेले हैं...
फलदार शाखें होनी थी जहाँ अब सूखी हुई वेले हैं...
लाज सरम को बेच दिया पर देश को न अब बेचो तुम...
पथरा जाएंगी छोटी आँखे जो देख रहे कुछ मेले है...
हर बच्चे की मेहनत का क्या न्याय ठीक से होता है...
चुप बैठो अब कुछ न बोलो देश में यूँ ही होता है...

शुक्रवार, 4 सितंबर 2020

Teachers day Hindi poem

Dev tripathi


Teachers day Hindi poem 

💓💓💓💓💓💓

अक्षर अक्षर जोड़कर मुझको शब्द बनाया है
मेरी मति पर कूची फेरी और वेमोल बनाया है
मंजिल के वीराने पथ पर द्रोणा सी पहचान उनकी
हर success के पन्ने रचती स्याही सी पहचान उनकी
सम्पूर्ण ज्ञान के दरिया का मांझी है मेरे टीचर्स 
मेरे अंधियारे जीवन को रौशन करते हैं मेरे टीचर्स

shayari on teacher in hindi
शिक्षक दिवस पर कविता 

डगमगाते पावों को मानो किसी ने थाम लिया
असमंजस की उथली राहों पर भी चलना सिखा दिया
हर बालक के स्मरणों में माँ बाप सी पहचान उनकी
जहरीले संसार में एक मधुकलश सी पहचान उनकी
हर success के बुनियादी पत्थर है मेरे टीचर्स
मेरे अंधियारे जीवन को रौशन करते हैं मेरे टीचर्स

अपने गुरु के लिए शायरी
Happy Teachers day


ज्ञान की अविरल धारा के संग अनुभव भी बतलाते है
विश्वास भरे भावों से मन में सफलदीप जलवाते है
आकाश में उड़ते पंछी के पंखों सी पहचान उनकी
भटके राही के आंखों में पली उम्मीदों सी पहचान उनकी
सही गलत के दोराहे पथ पर केशव है मेरे टीचर्स
मेरे अंधियारे जीवन को रौशन करते हैं मेरे टीचर्स

शुक्रवार, 28 अगस्त 2020

Motivational poem in Hindi

Dev tripathi


Motivational poem in Hindi

💪💪💪💪💪

सुर्ख अंधेरा पसरा हुआ है जाने कब आफताब उगे...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...
हिम्मत मेहनत जज्बा भरकर चलना है तो चलना है...
कांटो का पथ हो या फूलों का उपवन चलना है तो चलना है...
आसमान में सुराख कर जाने कब किरणे निकले...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...

जोशीले शायरी
self motivation poem hindi

छाले डालेंगे वे पथ भी जो  मंजिल तक जाएंगे...
लतपत पावं में रजकण किरदार नमक का निभाएंगे...
मनसूबे पूरे करने की खातिर पथ पर चलना है तो चलना है...
टांग खींचने वाले होंगे पथ में पर चलना है तो चलना है...
सुर्ख अंधेरा हो कितना भी फिर भी बढ़ना है हिम्मत के तले...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...

motivational poem for student
inspirational poem in hindi

पतझड़ वाली राहों पर एक दिन वसन्त भी आएगा...
सागर की उठती लहरों पर भी सेतु बन जाएगा...
हर पहर के प्रहरी से लड़कर चलना है तो चलना है...
अपने खाके में फुर्ती भरकर चलना है तो चलना है...
हर मंजिल पाने की खातिर पग पर पत्थर ही है भले...
इंतजार की जड़े छोड़ कर अब चलना है तारों के तले...

💪💪💪💪💪

शुक्रवार, 21 अगस्त 2020

Sad Love Poetry in Hindi

Dev tripathi


Sad love poetry in Hindi

😔😔😔😔😔😔😔 

बंजर दिल की भूमि पर लहलहाती फसल जैसी...

मिट्टी राख खिलौनो से खेले माधब की मूरत जैसी...
एक ख्वाब में गढ़े बेसकीमती तेरे मेरे कुछ मोती...
कोरे कागज पर प्यार के आखर को जैसे रचती...
मेरी झोली में वो ढेरों पलछिन अब सम्भरते नहीं...
तेरी सूरत तेरी सीरत आज भी मेरे जहन से उतरते नहीं...

miss u quotes
missing quotes in hindi

हवाओं के मदमस्त हिलोरे फिजाओं की आगोशी में ठहरे...
चन्दा की वो रसिक चाँदनी जब अम्बर में आकर बरसे...
रेगिस्तान की तपती रेत में तू चन्दन के पेड़ो जैसी...
बेरंग सांसो की माला में पिरे सतरंगी मोती जैसी...
हवायें चन्दा और चांदनी मेरी झोली में अब सम्भरते नहीं...
तेरी सूरत तेरी सीरत आज भी मेरे जहन से उतरते नहीं...

breakup shayari in hindi
love poetry in hindi


सावन के बारिश में रिमझिम पानी के फुहारों जैसी...
फागुन की पनाहों में महकते रंगों की बौछरों जैसी...
तेरा वेबकिया अंदाज़ तेरा शौकिया मिज़ाज याद आता है...
हर सारंगी के सरगम में तेरा गुनगुनाना नजर आता है...
ये बारिशें, ये रंग , मौसम ये सरगम मुझसे सम्भरते नहीं...
तेरी सूरत तेरी सीरत आज भी मेरे जहन से उतरते नहीं...

😔😔😔😔😔😔😔

Our Team

  • ojhalpoetry blog
  • Dev Tripathiyoutuber /blogger